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Friday, November 16, 2018

Should we follow traditions without questioning? यह प्रथा पीछे से चली आ रही है यह सोच कितनी सही कितनी गलत

एक बार सात बंदरों को एक बड़े से पिंजरे में बंद कर दिया गया |  पिंजरे के बीचो बीच में एक ऊंची सी मेज  रख दी गई | कुछ केले पिंजरे के ऊपरी भाग में इस प्रकार से बांध दिए गए की मेज पर चढ़कर बंदर यदि छलांग लगाए तो वह केलों तक आसानी से पहुंच सके |


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उन केलों को खाने के इरादे से एक बंदर मेज पर चढ़ गया | जैसे ही वह छलांग लगाकर केलों तक पहुंचने लगा, उस पर पिंजरे के बाहर से एक जग बहुत ठंडा पानी  गिरा दिया गया | उस बंदर के साथ-साथ बाकी बंदर भी पूरी तरह भीग गए और शांत होकर बैठ गए | थोड़ी देर के बाद एक दूसरा बंदर केले खाने के इरादे से मेज  पर चढ़ गया | जैसे ही वह छलांग मारने की कोशिश करने लगा उसके ऊपर भी पिंजरे के बाहर से एक जग बहुत ठंडा पानी गिरा दिया गया | उस बंदर के साथ-साथ बाकि सभी बंदर भी पूरी तरह से भीग गए और शांत होकर बैठ गए |

ऐसा पांच-छः बार हुआ जैसे ही कोई बंदर मेज पर चढ़कर केले खाने के इरादे से छलांग लगाने की कोशिश करने लगता तो  उस बंदर के साथ-साथ बाकी सब को भी इसकी सजा मिलती और उन पर पिंजरे के बाहर से एक जग बहुत ठंडा पानी डाल दिया जाता था | अब तक सभी बंदरों को यह अच्छी प्रकार से समझ आ गया था कि यदि कोई भी बंदर उस मेज पर चढ़कर केले खाने की कोशिश करेगा तो सजा के रूप में सभी बंदरों पर बहुत ठंडे पानी का भरा हुआ जग डाल दिया जायेगा | अब जैसे ही कोई बंदर मेज पर चढ़ने की कोशिश करता तो बाकी के सभी बंदर मिलकर उसकी पिटाई कर देते और उसे मेज के पास जाने से रोक देते थे |
कुछ देर के बाद उस बड़े पिंजरे में से  एक बंदर को बाहर निकाल दिया गया और उसके स्थान पर एक नए बंदर को पिंजरे में बंद कर दिया गया | नया बंदर पिंजरे के हालात के बारे में कुछ भी नहीं जानता था | उसने भी केले खाने के इरादे से मेज पर चढ़ने की कोशिश की तभी सारे बंदरों ने मिलकर उसकी पिटाई कर दी | जोरदार पिटाई होने के बाद नए बंदर ने केले खाने  का विचार त्याग दिया और शांत होकर बैठ गया लेकिन उसकी समझ में यह नहीं आ रहा था कि सभी बंदरों ने मिलकर उसकी इतनी जोरदार पिटाई क्यों की |

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कुछ देर के बाद एक और पुराने बंदर को पिंजरे से बाहर निकाल दिया गया और उसके स्थान पर एक नए बंदर को पिंजरे में बंद कर दिया गया | यह नया बंदर भी पिंजरे के हालात को बिल्कुल नहीं जानता था | वह भी केले खाने के इरादे से मेज की तरफ जाने लगा यह देखकर सभी बंदरों ने उसकी जबरदस्त पिटाई कर दी | नए बंदर की पिटाई करने वालों में वह बंदर भी शामिल था जो कि पिछली बार आया था, जबकि उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि यह पिटाई किस कारण से हो रही है |
इसी प्रकार एक-एक करके सभी पुराने बंदरों को पिंजरे से बाहर निकाल दिया गया और उनके स्थान पर नए बंदरों को पिंजरे में बंद कर दिया गया | जैसे ही कोई नया बंदर पिंजरे में आता तो वह केले खाने के इरादे से मेज पर चढ़ने की कोशिश करता तो बाकि के सभी बंदर मिलकर उसकी जबरदस्त पिटाई कर देते थे | अब पिंजरे में बंद सातों बंदर नए थे | उनमें से किसी को भी इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि केले खाने के इरादे से मेज के पास जाने पर पिटाई क्यों होती है |  उनके ऊपर एक बार भी ठंडा पानी नहीं डाला था लेकिन  मेज के पास जाने के कारण उनकी अपने बाकी के साथियों द्वारा पिटाई हो चुकी थी |

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अब एक और नए बंदर को पिंजरे में बंद कर दिया गया और हैरानी की बात देखिये यह नया बंदर भी केले खाने के इरादे से मेज  के पास जाने लगा तो बाकी सभी बंदरों ने मिलकर उसकी जमकर पिटाई कर दी | जब की पिटाई करने वाले सभी बंदरों  को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि वह इस बंदर की पिटाई क्यों कर रहे हैं |

यह प्रथा पीछे से चली आ रही है यह सोचकर हम  पुरानी प्रथाओं और रीति रिवाजों का  आँख मूंदकर  पालन करते रहते हैं | यह आज के परिपेक्ष्य में उचित है या नहीं इस पर  विचार करके हम नया कदम उठाने का साहस ही नहीं जुटा पाते | कोई बात यदि किसी विशेष परिस्थिति में उचित रही हो तो यह जरूरी नहीं कि वह हमेशा ही बदलती परिस्थितियों में  उचित रहे |

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