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Wednesday, October 17, 2018

खुशियां बांटने से खुशियां बढ़कर मिलती हैं | happiness increases by sharing

कमल एक सॉफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर था | वह रोज की तरह शाम को कम्पनी से घर वापस लौट रहा था | आज कंपनी में काम अधिक होने के कारण वह दोपहर को कुछ खा नहीं सका था | इस समय उसे कुछ खाने की तीव्र इच्छा हो रही थी | तभी उसने देखा कि सड़क के किनारे एक बूढ़ी औरत कुछ बेचने के लिए बैठी हुई है | कमल ने कार सड़क के किनारे पर खड़ी की और बूढ़ी औरत के पास चला गया | उसने देखा कि वह एक छोटी-सी टोकरी में रखकर सेब बेच रही थी |

apples

कमल ने  भाव पूछ कर एक  किलो सेब खरीद लिए | कमल ने बूढ़ी औरत को एक सौ रूपए का नोट दिया | जब वह बूढ़ी औरत बकाया राशि दे रही थी | उस समय कमल ने पूछा कि "माता जी आपकी उम्र तो बहुत लगती है, आप यह काम क्यों करती हो" | तब उस बूढ़ी औरत ने बताया कि "मेरे बेटे मुझसे अलग रहते हैं | और मेरी  देख भाल नहीं करते, इसलिए मुझे अपनी रोजी-रोटी के लिए यह काम करना पड़ता है" | अब तक कमल को अपने बकाया पैसे मिल गए थे | कमल ने कुछ सोच कर बूढ़ी औरत से पूछा कि क्या आपके पास सेब काटने के लिए चाकू है | बूढ़ी औरत ने कमल को चाकू दे दिया | कमल ने एक सेब का छोटा सा टुकड़ा अपने मुंह में डालकर स्वाद देखा | "यह सेब तो ज्यादा मीठे नहीं है"  यह कहते हुए उसने बचा हुआ सेब बूढ़ी औरत को थमा  दिया | बूढ़ी औरत ने भी उस कटे हुए सेब का एक छोटा सा टुकड़ा काट कर खाकर  देखा और कहा " बेटा सेब तो  मीठा है "|  कमल उस बूढ़ी  औरत को बिना कोई जवाब दिए अपना सेब वाला  लिफाफा लेकर  चला गया |

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कमल अब रोज ही नियमित रूप से सेब खरीदने के लिए आता था |पॉलिथीन से एक सेब निकालकर काट कर स्वाद देखता था | फिर  वह बोलता था कि "माता जी आज के सेब भी ज्यादा मीठे नहीं है" | यह कहकर बचा हुआ सेब बूढ़ी औरत को दे देता था | बूढ़ी औरत  भी उस कटे हुए सेब का एक छोटा सा टुकड़ा काट कर खाकर  देखती और कहती  " बेटा सेब तो  मीठा है "|  कमल उस बूढ़ी  औरत को बिना कोई जवाब दिए अपना सेब वाला  लिफाफा लेकर  चला जाता था |


old poor lady

कभी-कभी कमल की पत्नी भी कमल के साथ होती थी | उसे यह सब देख कर बड़ी हैरानी होती थी | एक दिन उसने कमल से पूछ ही  लिया "इस बूढ़ी औरत के सेब इतने मीठे होते हैं, फिर तुम रोज उसके सेबों की बुराई करके उसे परेशान क्यों करते हो” | कमल ने पत्नी को बताया कि " उसके सभी सेब  मीठे ही होते हैं | लेकिन मैं ऐसा इसलिए करता हूं क्योंकि वह  बूढ़ी औरत गरीबी  के कारण खुद सेब नहीं खा पाती इसलिए मैं जानबूझकर उसे अपना एक सेव दे देता हूं | जिससे कि वह  सेब भी खा सके और उसका नुकसान भी न हो" |
कमल की पत्नी ने अनुमान लगाया कि शायद कमल के जानबूझकर एक सेब खाने के लिए देने के पीछे निहित एक अच्छी भावना को वह  बूढ़ी औरत समझती थी इसीलिए  वह एक किलो से कुछ ज्यादा ही सेब  कमल को रोज तोल कर देती थी | बुजुर्गों को प्यार और आदर सम्मान देना चाहिए | बुजुर्गों द्वारा दिल से दिया गया आशीर्वाद जीवन में सुख-शांति और सफलता के द्वार खोलता  है |



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