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Tuesday, March 6, 2018

भगवान जो करता है, अच्छा ही करता है | Have faith in God


       एक बहादुर राजा था वह अपनी प्रजा  से बहुत प्रेम करता था | उसने कई युद्ध जीते थे और अपने राज्य का विस्तार किया था | उसका एक मंत्री था जो कि बहुत ही धार्मिक विचारों वाला था | वह भगवान पर अथाह विश्वास और श्रद्धा रखता था | धार्मिक प्रवृति का होने के कारण उसे हर बात में " भगवान जो करता है, अच्छा ही करता है " कहने की आदत थी | राजा भी मंत्री की इस आदत से भली-भाँति परिचित था |


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       एक दिन राजा तलवार बाजी का अभ्यास कर रहा था | अचानक लापरवाही के कारण अभ्यास करवाने वाले की तलवार के वार से राजा के हाथ की एक उंगली कट गई | राजा भयंकर दर्द से कराह उठा |  राजा का मंत्री भी वहीं पर विद्यमान था | आदत के अनुसार मंत्री ने कह दिया " भगवान जो करता है, अच्छा ही करता है " |  मंत्री का संवेदना प्रकट करने के स्थान पर यह कहना कि " भगवान जो करता है, अच्छा ही करता है " राजा को बुरा लगा | राजा को मंत्री पर बहुत क्रोध आया | राजा ने अपने सैनिकों को आदेश दिया कि ' मंत्री को गिरफ्तार करके कारागार में बंद कर दो ' | मंत्री ने अपनी आदत के अनुसार फिर कहा ‘ भगवान जो करता है, अच्छा ही करता है ‘ | इस प्रकार मंत्री को मंत्री पद से हटा दिया गया तथा कारागार में डाल दिया गया |


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       कुछ समय के बाद एक दिन राजा शिकार खेलने गया | किसी जानवर का घोड़े पर पीछा करते हुए वह अपने सैनिकों से बिछुड़ गया तथा भटकते-भटकते घने जंगल में पहुंच गया | जंगल में राजा को आदिवासियों ने पकड़ लिया | उन्होंने राजा को रस्सियों से बांधा और अपने सरदार के पास ले गए | आदिवासियों ने राजा को अपने देवता की पत्थर की मूर्ति के नजदीक बांध दिया | उसके बाद सभी आदिवासी मिलकर नाचने गाने, जश्न मनाने लगे | कुछ देर के बाद उन्होंने राजा को बलि देने की तैयारी शुरू कर दी | राजा को बलि देने के लिए फरसा उठा कर एक दैत्याकार सा आदिवासी आगे बढ़ने लगा  | इतने में किसी आदिवासी  की नजर राजा की कटी हुई उंगली पर पड़ी | उसने राजा की कटी हुई उंगली के बारे में सरदार को बताया | सरदार ने आकर राजा की कटी हुई उंगली देखी और आपस में कुछ बातचीत की | उसके बाद सरदार ने राजा को आजाद करने का आदेश दे दिया | राजा आदिवासियों की भाषा तो नहीं समझ पाया | लेकिन इतना जरूर समझ गया था कि आज कटी हुई उंगली के कारण ही उसके प्राण बच पाए थे | अब  राजा के कानों में मंत्री के कहे शब्द ' भगवान जो करता है, अच्छा ही करता है ' बार-बार गूंजने लगे |

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       अपने प्राणों की रक्षा होने के बाद राजा  किसी तरह अपने राज्य तक पहुंचा | राजा सबसे पहले कारागार गया, वहां जाकर उसने मंत्री से क्षमा याचना की | राजा ने अपने साथ बीती सारी घटना मंत्री को सुना दी | सारी घटना सुनकर मंत्री ने फिर कहा ' भगवान जो करता है, अच्छा ही करता है '| लेकिन इस बार यह वाक्य बोलने वाला वह अकेला नहीं था उसके साथ राजा भी था | राजा ने मंत्री से पूछा कि मेरी उंगली कटने पर आपने कहा था भगवान जो करता है अच्छा करता है | उंगली कटने से मेरे तो प्राण बच गए | लेकिन आपके कारागार में दण्ड भोगने में  क्या अच्छाई रही | मंत्री ने कहा कि यदि मैं कारागार में नहीं होता तो शिकार पर आपके साथ ही जाता | मैं भी आपके साथ आदिवासियों द्वारा पकड़ लिया जाता | आप कटी हुई ऊँगली  के कारण बच जाते लेकिन वहां पर मेरे प्राणों की बलि चढ़ा दी जाती | इस प्रकार कारागृह में भेजकर भगवान ने मेरे प्राणों की भी रक्षा की है |

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Image Source : Facebook page of Maharana Pratap

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