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Wednesday, February 7, 2018

अंकित सक्सेना हत्याकांड - सांप्रदायिकता की आग कब बुझेगी || Ankit Saxena Murder


राष्ट्रीय समाचार पत्र में 'युवक को प्यार करने पर दी मौत की सजा' शीर्षक के अंतर्गत समाचार प्रकाशित हुआ | इस  समाचार  के अनुसार एक 23 साल के युवा की गला काट कर हत्या कर दी गई |  यह नृशंस  हत्या 2 फरवरी 2018 को सांय  6:00 से 7:00 के बीच पश्चिमी दिल्ली के एक भीड़  भरे बाजार में की गई | 




हत्या का कारण अलग-अलग समुदाय के लड़का और लड़की में दोस्ती होना  बताया गया | लड़का देश के बहुसंख्यक समुदाय से संबंध रखता था जब कि लड़की  देश के अल्पसंख्यक समुदाय से संबंध रखती थी, जिससे युवती  का पिता नाराज था | दोनों का घर नजदीक होने की वजह से इन दोनों में बचपन से ही दोस्ती थी | वारदात से पहले लड़की के माता पिता और रिश्तेदारों ने लड़के के घर जाकर उसके माता-पिता से लड़ाई झगड़ा किया | लड़के की माता ने अपने बेटे को फोन करके सुलह  शांति करने के लिए बुलाया | जब यह दुकान से वापस आ रहा था तो लड़की के परिजनों ने बाजार में गला काटकर इसकी हत्या कर दी | यह लड़का शादी विवाह में फोटोग्राफी का काम करता था | युवक मेहनती और समझदार स्वभाव का था | वह दिन रात मेहनत करके अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा था |

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अब यह ज्वलंत  प्रश्न  उठता है कि मानवता की दृष्टि से और सामाजिक दृष्टि से क्या यह घटना उचित है ?  क्या भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका नहीं जा सकता ? क्या अलग-अलग समुदाय के युवक-युवती का प्रेम करना इतना बड़ा गुनाह है जिसका परिणाम अपनी जान देकर चुकाना पड़े ?  एक परिवार के क्षणिक आवेश के कारण दोनों परिवारों का भविष्य और खुशियां समाप्त हो गई | इस विवाद को हल करने के अन्य बेहतर विकल्प भी थे | इस विवाद का हल दोनों  परिवारों द्वारा परस्पर बातचीत से भी किया जा सकता था | अन्य  विकल्प के तौर पर यदि दोनों परिवारों की सद्भावना से परस्पर सहमति बनती तो इनका विवाह भी किया जा सकता था | लेकिन एक गलत सोच के आधार पर लिए गए निर्णय के कारण एक परिवार ने अपना इकलौता कमाऊ बेटा खोकर कीमत चुकाई | यह परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था तथा परिवार का इकलौता  बेटा था | इसके पिता यशपाल  को कुछ समय पहले दिल का दौरा पड़ा था, इस कारण वह कमाने  में असमर्थ हो गए थे | युवक मेहनती और समझदार स्वभाव का था | यह लड़का शादी विवाह में फोटोग्राफी का काम करता था | वह दिन रात मेहनत करके अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा था | वहीं  दूसरे परिवार ने जेल जाकर सजा भुगत कर कीमत चुकाई | लड़की के माता-पिता, भाई और मामा जेल में है | आवश्यकता सिर्फ समझदारी से एक अच्छा निर्णय लेने की थी | 

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यह घटना सांप्रदायिक रूप धारण न करें इसलिए इस क्षेत्र में अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई | इस कारण क्षेत्र में दंगे और तनाव की स्थिति नहीं बनी | बहुसंख्यक संप्रदाय की ओर से किसी ने भी भड़काऊ भाषण या ब्यान नहीं दिए | इस हत्याकांड को धार्मिक रूप नहीं दिया गया | यह इस दुखद घटना का एक उजला पक्ष है | कल्पना कीजिए यदि यही घटना अल्पसंख्यक समुदाय के परिवार के साथ घटित होती तो क्या होता | कई मशहूर हस्तियां इस संवेदनशील मामले में भी झूठी सहानुभूति दर्शाते हुए अपना पदक वापस करने का नाटक करके अपना प्रचार करने का लोभ  नहीं छोड़ पाती | | कुछ स्वार्थी नेता सहानुभूति की आड़ में भड़काने वाले भाषण और इंटरव्यू देते और तनावपूर्ण वातावरण बनाते |

सांप्रदायिकता समाप्त करने में समाज के सभी वर्ग अपनी अपनी अहम भूमिका निभा सकते हैं राजनीतिज्ञ इस संवेदनशील विवादों से लाभ उठाने का प्रयास न करें | वह सहानुभूति दिखाने का ढोंग करके पीड़ित पक्ष के घर में जाते हैं | यदि सांप्रदायिकता के  कारण  किसी की मृत्यु हो जाए तो राजनीतिज्ञों में उसके घर पहले पहुंच कर सहानुभूति का ढोंग करने की प्रतिस्पर्धा आरम्भ  हो जाती है | प्रत्येक दल के नेता इस ढोंग में प्रथम आने का प्रयत्न करते हैं | टेलीविजन और मुख्य समाचार पत्रों में  यह खबर आकर्षण का केंद्र बनती है | जिस कारण यह विवाद और ज्यादा प्रसारित होता है | टेलीविजन और समाचार पत्रों को धार्मिक कट्टरवाद और अलगाववाद बढ़ाने वाले नेताओं के बयान और भाषण का समाचार देने से बचना चाहिए | इस समाचार में नवभारत समाचार पत्र ने  कहीं पर भी युवक युवती  या उसके परिजनों का नाम नहीं लिखा, जिससे कि सांप्रदायिकता की आग न भड़के | यह एक सराहनीय कदम  है | इस प्रकार समाचार पत्र ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का अच्छी तरह से निर्वाह किया | सरकार को भी सांप्रदायिकता समाप्त करने के लिए कुछ कठोर कदम उठाने चाहिए तथा | दूसरे संप्रदाय में विवाह करने वालों  को प्रोत्साहित करते हुए कुछ अतिरिक्त सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए | मशहूर सिने अभिनेता सलमान खान ने भी अपनी बहन की शादी एक हिंदू  युवक के साथ की है और  वह एक सुखी वैवाहिक जीवन बिता रही है | हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह की तीनों पुत्रियों  का विवाह भी  दूसरे धर्म के युवकों के साथ ही हुआ है | ऐसा ही एक अच्छा प्रयास सहारनपुर में दो समुदाय के युवक-युवती में हुए विवाह के बाद देखने को मिला | श्री शिव शंकर शाहजहांपुर जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश का निवासी है | इसने  एक मुस्लिम लड़की सितारा के साथ वर्ष 2016 में विवाह किया | अल्पसंख्यक समुदाय के कट्टरपंथियों ने इसे  अपना अपमान समझते हुए उन्हें जान से मारने की धमकियां दी | इस कारण इस दंपति ने हरियाणा में पनाह ली | जहां पर  अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने  हिसार में इस दंपति को सम्मानित किया | मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना इस  महान सोच को सदैव याद रखें | अलग-अलग संप्रदाय के लोग हम बाद में है पहले हम सब भारतीय हैं  |

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