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Tuesday, February 13, 2018

वैलेंटाइन डे का समर्थन होना चाहिए या विरोध

प्रेम का प्रतीक वैलेंटाइन डे समस्त विश्व में 14 फरवरी को मनाया जाता है | हमारे देश में वैलेंटाइन डे मनाना हमेशा से ही एक विवाद का विषय रहा है | भारत एक त्योहारों का देश है | यहां पर होली, दीवाली, ईद, तथा  क्रिसमस सभी त्यौहार   समान रूप से उत्साह एवं उमंग के साथ बनाए जाते हैं | यह निर्णय करना कठिन हो जाता है कि वैलेंटाइन डे मनाने वाले सही है या वैलेंटाइन डे का विरोध करने वाले सही हैं | जितनी अधीरता से इसे मनाने वाले इस दिन का इंतजार करते हैं, उतना ही बेचैनी से इसका विरोध करने वाले भी इस दिन का इंतजार करते रहते हैं | एक और इसे मनाने वाले इसे उत्सव की तरह मनाने की अपनी योजना बनाने में व्यस्त होते हैं तो दूसरी ओर इसका विरोध करने वाले  इसको किसी भी कीमत पर नहीं  मनाने देने की अपनी योजना बनाने में व्यस्त होते हैं |





 वैलेंटाइन रोम के एक महान संत थे | उन दिनों रोम में क्लाडियस नाम के राजा का शासन था | उसका राज्य शक्तिशाली बना रहे इसके लिए वह सदैव प्रयासरत रहता था | उसको यह उपाय सूझा कि उसका राष्ट्र तभी शक्तिशाली बना रह सकता है जब उसकी सेना शक्तिशाली बनी रहे | ऐसा सोचकर क्लाडियस ने अपनी सेना के सैनिकों और अधिकारियों के विवाह करने पर प्रतिबंध लगा दिया | ऐसी राजाज्ञा देने के दो कारण थे  एक तो उसका ऐसा सोचना था कि सैनिक ब्रह्मचर्य का पालन करके शक्तिशाली बने रहेंगे | दूसरा कारण यह था कि यदि वह विवाह नहीं करते तो उनका गृहस्थी से लगाव नहीं होगा और वह पूरी तरह राष्ट्र प्रेम की भावना से देश के प्रति समर्पित रहेंगे | यह एक सर्वथा अनुचित आदेश था | लेकिन राजा का आदेश होने के कारण उसका विरोध या उल्लंघन  करने का साहस कोई नहीं कर पा रहा था | क्योंकि सभी को अपने प्राणों का भय था |


 सैनिक तथा अधिकारी संत वैलेंटाइन की शरण में गए और उनसे सहायता करने का निवेदन किया | संत वैलेंटाइन ने सहानुभूति  की भावना रखते हुए उन्हें मदद करने का आश्वासन दिया | संत होने के बाद भी वह भली भांति समझते थे कि किसी भी  इंसान के लिए परिवार ही सुखों का आधार होता है | जीवन में सुख और दुख बांटने के लिए एक जीवन साथी की आवश्यकता अनिवार्य होती है | संत वैलेंटाइन  ने इन सैनिकों का चोरी छिपे विवाह करवाना आरंभ कर दिया  | संत वैलेंटाइन के दुश्मनों और राजा के वफादारों ने राजा को इसकी  सूचना दी | और उसे संत द्वारा शाही आदेश की अवहेलना करने पर भड़काया | राजा क्लॉडियस के आदेश के अनुसार संत वैलेंटाइन को गिरफ्तार कर लिया गया | उन्हें राजा के आदेश का उल्लंघन करने की सजा के रूप में मृत्युदंड की सजा सुनाई गई | राजा के आदेश से 14 फरवरी सन 269 को उन्हें मृत्यु दंड की सजा दे दी गई |

Saint Valentine की याद में प्रत्येक वर्ष 14 फरवरी का दिन प्रेम के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है | इस दिन  परस्पर प्यार करने वाले युवक युवतियां एक दूसरे को गुलाब का फूल, चॉकलेट और गिफ्ट देकर अपने प्यार का इजहार करते हैं | भारत एक लोकतांत्रिक देश है | यहां के नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त है | लेकिन इसके बावजूद भी वैलेंटाइन डे मनाने का कुछ लोगों द्वारा विरोध किया जाता है | इसका मुख्य कारण यह है कि कुछ पथ भ्रष्ट युवा वैलेंटाइन डे की आड़ में सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील हरकतें करते हैं | वह समाज में मर्यादाओं की सीमा  का सरेआम उल्लंघन करते हैं | इस दिन पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित कुछ युवक युवतियों में मुन्ना भाई MBBS की आत्मा प्रवेश कर जाती है और वह  सार्वजनिक स्थानों पर जादू की झप्पी का आदान प्रदान करने लगते हैं |

मुस्लिम देशों में भी वैलेंटाइन  डे मनाने का विरोध  ही  किया  जाता है | हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान के टीवी चैनलों की नियामक संस्था पेमरा (पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी) ने भी  टीवी चैनलों को निर्देश दिया है कि वह वैलेंटाइन डे से संबंधित कोई कार्यक्रम नहीं   दिखाएं | इससे पहले पिछले साल इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने भी यह लिखित आदेश दिया था कि पाकिस्तान के किसी भी मीडिया संस्थान को वैलेंटाइन डे को प्रोत्साहित करने वाला कार्यक्रम नहीं दिखाना चाहिए |

संत वैलेंटाइन एक महान संत थे | जिन्होंने अपना जीवन समाज में जागृति एवं प्रेम का प्रकाश फैलाने के लिए बलिदान कर दिया था | उनकी प्रेम के प्रति महान भावना का आदर करते हुए युवाओं को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे कि सार्वजनिक स्थलों पर अश्लीलता का माहौल बने या समाज में भारतीय संस्कृति का हनन हो | सरकार एवं पुलिस को केवल उन्हीं युवाओं के प्रति सख्त कार्यवाही करनी चाहिए जो कोई आपत्तिजनक हरकत कर रहे हो | स्मरण  रहे संत वैलेंटाइन ने  तो विवाह करवाकर परिवारवाद को  बढ़ावा दिया था रोमांस को नहीं | उनकी सोच और भावना अच्छी और पवित्र थी |

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